जानकारी के मुताबिक एम्स के पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी विभाग द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था . इस आयोजन के दौरान एक बुकलेट भी डिस्ट्रीब्यूट की गई थी . इस बुकलेट में किडनी की बीमारी, बचाव और लक्षण आदि की जानकारी दी गई थी लेकिन इसमें होम्योपैथी और यूनानी के इस्तेमाल से बचने की भी सलाह दी गई थी.
यह सलाह एम्स के एक डॉक्टर ने पेशेंट को जागरूक करने के लिए बनायी गई बुकलेट में दी थी.
इसको लेकर मामले ने तूल पकड़ लिया राष्ट्रीय होम्योपैथिक आयोग ने इसकी शिकायत एम्स प्रसाशन मे की, प्रसाशन ने इस मामले को गंभीरता से लिया, जिसके बाद चिकित्सक ने पत्र लिखकर खेद जताया.
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