बिहार | बिहार सरकार अल्टरनेटिव पैथी को लगातार बढ़ावा देना चाह रही है | इसीलिए आयुष डॉक्टर्स को बड़ा तोफहा देने के प्लान मे है | बिहार सरकार की प्रार्थमिकता यही है की बिहार मे आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी डॉक्टर्स की भर्ती अगले 1 से डेढ़ माह मे निकाली जाये और उसे जल्द से जल्द नियुक्ति प्रदान की जा सके |
इसको लेकर जहां इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम चल रहा है वहीं मैंन पावर बढ़ाने में भी सरकार जुटी है.लगातार कईवर्षों से आयुष डॉक्टर्स की कमी झेल रहे सरकारी अस्पतालों में जल्द ही आयुष डॉक्टर्स की नियुक्ति होगी. बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के अनुसार एक से डेढ़ महीने में 3270 आयुष चिकित्सा पदाधिकारी की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, जिससे संपूर्ण चिकित्सा पद्धति को बहुत बड़ी ताकत मिलेगी. स्वास्थ्य मंत्री ने तारा मंडल में एसोसिएशन ऑफ यूनानी फिजिशियन बिहार द्वारा आयोजित छठे विश्व यूनानी दिवस और कैंसर के प्रति जागरूकता कार्यक्रम पर यह बातें कहीं.
श्री पाण्डेय ने कहा ऐलोपैथिक, आयुर्वेदिक, होम्योपैथी, योगा और सिद्धा के अलावे यूनानी चिकित्सा पद्धति भी प्राचीन पद्धति है. इसको लेकर केंद्र सरकार भी यूनानी पद्धति को आगे बढ़ाने के लिए यूनानी चिकित्सा और शिक्षा व्यवस्था पर तेजी से काम रह रही है.
साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) न सिर्फ इसकी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं, बल्कि नए भवन और संसाधनों के लिए राशि भी मुहैया करवा रहे हैं. इन्होंने 1926 में पटना में स्थापित राजकीय तिब्बी कॉलेज में भवन के लिए 15 करोड़ रुपये आवंटित करने की भी जानकारी दी.
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