हर वर्ष 50 हजार विद्यार्थी आयुर्वेद की शिक्षा प्राप्त करते हैं। ऐसे में आयुर्वेदिक दवाओं और वेद्यों की कमी को पूरा किया जा सकेगा। इसके लिए इको सिस्टम बनाने की अवश्यकता है, ऐसा राष्ट्रीय संगोष्ठी में आयुष सचिव पदमश्री वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा |
गत शुक्रवार (11/3/22) दिल्ली स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ द्वारा आयोजित 25वें दीक्षांत समारोह एवं 'आयुर्वेद आहार-स्वस्थ भारत का आधार' विषय पर 27वीं राष्ट्रीय संगोष्ठी में आयुष सचिव पदमश्री वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि जो वैद्य आयुर्वेद के प्रशिक्षण में हैं, वो शिक्षा के क्षेत्र में आगे आएं।
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