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आयुष डॉक्टर्स के पक्ष मे कोर्ट


उत्तराखंड/ मध्यप्रदेश | करोना काल में जिन करोना योद्धाओं  को थाली और ताली बजाकर सम्मान किया गया था आज उन्हें  केस कम होने पर  के बाद अपमान के साथ निकाला जा रहा है.

मध्य प्रदेश नेशनल हेल्थ मिशन ने 600 आयुष होम आइसोलेशन सुनिश्चित करवाया एवं आवश्यकतानुसार इमरजेंसी में मरीजों को कोविड-19 कमांड सेंटर एवं एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया है कोरोना काल में केंद्र सरकार ने एवं राज्य सरकार ने कोरोना योद्धाओं के लिए अलग-अलग एलान किया था जिसमें 25 प्रतिशत अतिरिक्त मानदेय के साथ सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता थी.

मगर समय गवाह है आज तक किसी भी कर्मचारी को इसका लाभ नहीं मिल सका और ना ही ऐसी कोई सूचना मिली जो लाभांश मिलने की पुष्टि करता हो. पिछले 2 सालों में हर चीज के दाम आसमान छुए हैं.

संविदा कर्मियों के वेतन कोविड-19 काम किया उन कर्मचारियों के पिछले 2 साल में एक ही वेतन मिला है और वेतन में किसी प्रकार की कोई वृद्धि नहीं हुई नहीं उन्हें किसी प्रकार का कोई लाभ मिला जैसे कि आयुष डॉक्टर्स  को उत्तर प्रदेश में 32,000 रुपए प्रतिमाह जिसमें से ₹3200 इनकम टैक्स के रूप में काट लिए जाते हैं.

यह कैसी विडंबना है जहां एलोपैथिक डॉक्टरों को ₹60000 प्रति माह वेतनमान पर सरकार रख रही है वही आयुष चिकित्सा अधिकारियों को एकमात्र ₹32000 प्रति माह.

चिकित्सा पद्धति के आधार पर पक्षपात करना मानवता एवं संविधानिक आधार पर अपराध है क्योंकि शिक्षा में देखा जाए तो सिर्फ वैकल्पिक विषय को छोड़कर जैसे कि फार्मोकोलॉजी सभी में एक समान किताबें पढ़ाई जाती हैं एवं एक कोर्स को पूरा होने में समय लगता है.

उत्तराखंड सुप्रीम कोर्ट ने एक समान कार्य पर राज्य सरकार को एक समान वेतन लागू करने का आदेश दिया है एवं आयुष चिकित्सकों को एलोपैथिक चिकित्सकों के समान वेतन देने एवं पक्षपात ना करने को कहा.

राज्य सरकार की तरफ से दायर एस एल पी को खारिज कर दिया है पद्धति के आधार भेदभाव करना अनुच्छेद 14 का स्पष्ट उल्लंघन है इसलिए सरकार को विधि द्वारा स्थापित संविधान का सम्मान करते हुए एक समान कार्य पर एक समान वेतन लागू करना चाहिए.

कोविड-19 कर्मियों जिन्होंने जान पर खेलकर विपरीत परिस्थितियों में देश समाज एवं सरकार के साथ दिया ऐसे में यह सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बनती  उनको स्थाई रोजगार उपलब्ध करवाएं यही सच्चे मायने में उनका सरकार के द्वारा सम्मान होगा.

डॉ सौरभ कुमार की फेसबुक वाल से |  
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https://www.amarujala.com/uttarakhand/nainital/supreme-court-stamps-high-court-s-decision-says-ayush-and-allopathic-doctors-entitled-to-equal-pay

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